भारतीय रुपया तेजी से गिर रहा क्या है कारण?
भारतीय मुद्रा अन्य देशों की मुद्रा/करेंसी की तुलना में लगातार खराब प्रदर्शन कर रही है। बता दें कि पिछले काफी समय से भारत की मुद्रा में डॉलर के मुकाबले गिरावट दर्ज की जा रही है। बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक विश्लेषकों में लगातार यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर रुपए में इतनी तेजी से गिरावट में लगातार उछाल क्यों आ रही है और इसके क्या-क्या कारण और पहलू हो सकते हैं??
बता दें कि रुपए में गिरावट इतनी बढ़ चुकी है कि आज दिन गुरुवार तक रुपया $1 के मुकाबले 95.61 पैसे हो चुका है। कुछ रिपोर्टर्स की मानें तो यह आज तक का सबसे सर्वाधिक रिकॉर्ड है जो की अभी तक ऐसी परिस्थितियां नहीं आई है जिससे रुपया इतनी तेजी से डॉलर के मुकाबले कमजोर होता हुआ जा रहा है।
कारणों की समीक्षा_
#1. लगातार तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले रेकॉर्ड लो पर पहुंचा रुपया,
#2. भारत का करीब 90% कच्चा तेल और 50% गैस बाहर से आती है,
#3. ईरान युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमत में 50 फीसदी तेजी आई है,
#4. साथ ही विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बिकवाली जारी है,
#5. सोने के दामों में लगातार बढ़ोतरी और कालाबाजारी,
#6. विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा सोने चांदी की कीमतों में लगभग 7 से 15% तक वृद्धि
#7. शेयर बाजार में तेजी से गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर पर प्रभाव,
विश्लेषकों का यह मानना है कि जिस तरह पश्चिम एशियाई संकट तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच तनाव और नाकेबंदी के कारण भारत में आयात होने वाले कच्चे तेल पर असर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि और ईंधन आयात भी महंगा होने के कारण और युद्ध स्तर पर भारत को लेकर विदेशिक संबंधों में खटास और तकरार इसका प्रमुख कारण प्रतीत हो रहे हैं।
बुद्धिजीवियों और विश्लेषकों का मत है कि आने वाले कुछ हफ्ते के भीतर लगातार बाजार भाव में वृद्धि देखने को मिल सकती है जिसके कारण अन्य सामानों के दाम भी बढ़ जाएंगे, जिससे आम आदमी को लगातार परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है। बाजार में ज्वेलरी सोने/चांदी से लेकर पेट्रोल पंप में ईंधनों में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
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संवाददाता(सारंगढ़)- बादल सोनी