कागजों में लेकर वास्तविकता तक आते व्यवस्थाएं बदहाल…
सारंगढ़ इनडोर स्टेडियम को बने कई साल हो चुके हैं लेकिन इसकी भव्यता और सुंदरता को बरकरार रखने के लिए प्रशासन और पालिका दोनों की ही अपनी जिम्मेदारी बनती है। बड़े पैमाने पर खेल कूद और बैठकों के लिए अक्सर इसका इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसकी आंतरिक संरचनाओं को इस तरह बनाया गया है कि यह सैंकड़ों लोगों के लिए एक साथ पर्याप्त जगह प्रदान करता है।
क्या रख रखाव की अपनी कोई प्रशासनिक जवाबदेही नहीं??!
स्टेडियम के निर्माण कार्य से लेकर अब तक इसके समय समय पर मरम्मत और नवीनीकरण के लिए प्रशासनिक तौर पर काफी वृहद स्तर पर लगातार लाखों रुपए खर्च किए जाते रहे हैं। मगर यदि वास्तविकता का विश्लेषण किया जाए तो स्टेडियम के अंदर व्यवस्थाओं को लेकर काफी सवाल उठते रहे हैं।
जैसे साफ सफाई के मामले में गंभीरता नहीं दिखती है। वहीं अगर वहां की सुरक्षा पर सवाल किया जाए तो जिम्मेदार व्यक्तियों का जवाबदेही भी तो आएदिन वहां होने वाले चोरी और अज्ञात व्यक्ति द्वारा संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया जाता है उसपर भी किसी का ध्यान नहीं जाता है।
इसपर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार पालिका और प्रशासन को त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए और इसके टूटफूट पर पुनर्निर्माण के लिए जो राशि प्रशासन की तरफ से आती है उसका सही रूप से जीर्णोद्धार कार्य में व्यय करने से होने वाले भ्रष्टाचार से पर भी अंकुश लग पाएगा, जिससे नवनिर्माण और नवीन उपयोगी सामग्रियों की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठा पाएगा।
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