[ 16 मार्च 2026टिमरलगा अवैध खदान पर कार्रवाई बना अधिकारियों का मौज ]
एसडीएम, तहसीलदार और खनिज विभाग संयुक्त टीम की कार्रवाई को उमेश पटेल ने पलट दिया सारंगढ़ के कानून
सारंगढ़:_सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के ग्राम पंचायत टिमरलगा, जहां जिला के बड़े अधिकारीयों के द्वारा टिमरलगा में 16 मार्च 2026 को एक विशाल अवैध खदान में घुस कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी।
बता दें कि उस समय ऐसा लगा कि सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में अभी अधिकारी और कानून व्यवस्था बरकरार है। कोई भी व्यक्ति यदि अवैध खनन करता है तो अधिकारी उसको बर्दाश्त नहीं करते उसपर एक्शन लिया जाता है और कड़ी कार्यवाही की जाती है। लोगों में ऐसा विश्वास दिखा कि अवैध खनन करने वाले माफियाओं की अब खैर नहीं।
लेकिन पिक्चर में पुष्पा उमेश भाऊ का आना अभी बाकी था, जैसे ही अधिकारियों ने अवैध खदान पर जांच शुरू की उमेश ने अपना धनबल और राजनीतिक शक्तियों का चमत्कार दिखा दिया। जिस जगह पर कार्यवाही हुई उसी जगह अवैध खननकर्ता उमेश ने दिखा दिया कि उमेश कौन है! और क्या कर सकता है!!
अवैध खनन पर तत्कालीन एसडीएम वर्षा बंसल के द्वारा कार्यवाही में 10 पोकलेन मशीन पर कार्रवाई तो बना, लेकिन खनन भूमि व अवैध खनन कर्ता के विरुद्ध में कोई शासकीय कार्रवाई नहीं हुआ। नाही यह जांच किया गया, की अवैध रूप से खुदाई हो रही इस खदान से कितना टन चुना पत्थर निकाल लिया गया है और बेचा गया है?!!! 16 मार्च 2026 को 10 वाहन जब्ती का कार्यवाही हुआ।

*जिम्मेदार अधिकारियों से बड़ा सवाल*_
#1. संयुक्त टीम ने अवैध खदान पर जांच क्यों नहीं की???,
#2. शासकीय या निजी भूमि, कितने एकड़ों पर खनन हुआ?
#3. कितने टन पत्थर खोदा गया और कितने को बेचा गया?? ,
असली खेल यहीं से शुरू हुआ शासकीय कागजातों कार्यवाही दिखाकर गाड़ी को स्वतंत्र रूप से पुनः छोड़ दिया गया। खुदाई हो रही उसी उक्त स्थान पर 18 मार्च 2026 से पुनः वहां ताबड़तोड़ अवैध खनन शुरू हो गया। यह खबर आग की तरह मीडिया में फैल गई और लगातार खबरों में प्रकाशन होना लगा कि संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही किए गए वाहनों को अगले दिन से ही अवैध खनन करते हुए देखा गया। लेकिन सारंगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों को यह बात सुनाई ही नहीं दिया और स्वतंत्र रूप से अवैध खदान आजपर्यंत तक जारी है।

सोचिए इतना बड़ा माफिया साम्राज्य यहां पनप रहा है जिसने एसडीएम, तहसीलदार, खनिज विभाग जैसे संयुक्त टीम को खनिज माफिया ने अपने वश में कर लिया। और इनका कोई भी कुछ बिगाड़ नहीं पाया अब तक। ना शासन न प्रशासन और न ही कोई विभागीय/अनुविभागीय अधिकारियां…
सूत्रों से मिलीं जानकारी के अनुसार उक्त कार्यवाही में गए संयुक्त टीम तथा विभाग को कार्रवाई के बाद में खनिज माफियाओं के द्वारा मनचाहा रकम देकर सब के मुंह बंद कर दिये गये और सब को अवैध खनन के लिए सेट कर लिया गया ताकि अवैध खनन आराम से चलाया जा सके, और ठीक उसी प्रकार से अब तक हो रहा है। अवैध खनन रात दिन जारी है, लेकिन सारंगढ़ जिला प्रशासन की आंख अभी भी बंद है। जिला प्रशासन की इस रवैया से आम लोगों का भरोसा टूट रहा है। वहीं कानून व्यवस्था पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी से लेकर विभागीय अधिकारी तक को माफियाओं ने अपने जेब में भर रखा है और उनके इशारों पर छोटी-मोटी कार्यवाही करके कागजों को भर जाता है। जिससे रिकॉर्ड मेंटेन हो सके और आगे उच्च अधिकारियों को दिखाया जा सके।
सारंगढ़ के अधिकारियों के मिलीभगत से फल फूल रहा है उमेश पटेल का अवैध धंधा
शासन प्रशासन निर्धारित नियमों से हटकर माफियाओं को खुला संरक्षण देकर किसी निजी व्यक्ति को शासन के रखवाले लाभ पहुंचा रहे हैं, जिससे कि छत्तीसगढ़ राजस्व को लाखों करोड़ों रुपए का हानि हो रहा है और क्षेत्रीय अधिकारी अपने निजी स्वार्थ में अपने पद का दुरूपयोग करते नजर आ रहे हैं। फिलहाल सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के नये कलेक्टर के ऊपर एक आशा की नजर बनी हुई है की इस अधिकारियों के सिंडिकेट पुष्पा भाऊ बना उमेश के खेल को जड़ से उखाड़ फेंके। अवैध खननकर्ता और इस अवैध धंधे में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करें।