राजस्व की लूट..अवैध खनन में छूट!! खनिज विभाग का बढ़ावा देना.. क्या खनन माफियाओं से चढ़ावा लेना??!!

Revenue plunder…illegal mining exempted!! Encouraging the Mineral Department…is it taking offerings from mining mafias??!!

जिले में सारंगढ़ के अंतर्गत कुछ ऐसे ग्राम पंचायत जैसे की टिमरलगा और गुडेली जहां खनिज माफियाओं का बोलबाला है?? यह भी भ्रष्ट विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी जिला में खनन माफियाओं को अभयदान दिया जा रहा है। धन्य है ऐसे भ्रष्ट विभाग! जहां शासकीय अधिकारी होने के बावजूद जिले में पल रहे हैं खनिज माफिया।

   बता दे कि उमेश पटेल नामक उक्त व्यक्ति जो ग्राम पंचायत टिमरलगा में खुलेआम बेधड़क अवैध खनन करता हुआ आ रहा है। खनिज विभाग सारंगढ़ में और जिले में, उमेश के पैसे के आगे सब फैल हैं इनके लिए यहां न तो कोई खनिज विभाग का अफ़सर है, न ही कोई नियम, न ही कोई कानून..??!

      खनिज विभाग सारंगढ़ के सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा के द्वारा शायद इन्हें नियमों के विरुद्ध जाकर अवैध रूप से खनन करने का प्रमाणपत्र हासिल हो चुका है, जो शायद किसी अन्य व्यक्ति विशेष को भी नहीं प्राप्त। जिसके पीछे सारंगढ़ जिले के उच्च स्तर के अधिकारियों का आशीर्वाद बना हुआ है उनके लिए भला क्या रूल रेगुलेशन और लॉइनऑर्डर की ज़रूरत!

    स्पॉट

 जब 16 मार्च 2026 को एसडीएम वर्षा बंसल व संयुक्त टीम द्वारा 10 पोकलेन मशीन पर कार्रवाई किया था, तब से उमेश पटेल स्वतंत्र हो गया है और खुलेआम अपने अवैध धंधे को लगातार बढ़वा दे रहा है। जब कार्यवाही का प्रकरण बना था तो केवल वाहनों पर, और वह भी सिर्फ एक दिन का नाटकीय कार्यवाहीक प्रपंच गढ़ा गया था, जब की अगले दिन ही अवैध खनन पुनः जोरों से शुरू हो गया।

    सूत्रों की मानें तो संबंधित विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपए का हिस्सा भी ईमानदारी से दिया जा रहा है। बेईमानी का काम भी ईमानदारी से खनिज विभाग और खनिज माफियाओं के बीच में चल रहा। तब जा के उमेश के विरुद्ध कोई  कार्रवाई नहीं होता।

    सारंगढ़ के उच्च अधिकारियों ने एक खनिज माफिया को निजी अपना स्वार्थ के लिए गौण खनिज नियमों के विरुद्ध जाकर खनन करने अनुमति दे कर संरक्षण भी दे रखे हैं। वहीं एक आर आई को अस्थाई तौर पर खनिज विभाग का प्रभारी माइनिंग इंस्पेक्टर बना दिया गया है। जिसके आड़ में खनिज माफिया फल फूल रहे हैं और उनके लगातार संपर्क में बने हुए हैं। जिससे लोगों में काफी नाराजगी और राजस्व के लाखों करोड़ों रुपए का नुकसान उनके द्वारा माफियाओं को खुली छूट देकर कर रहे हैं।

नोट:_इस संदर्भ में आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं देना चाहता है इसलिए किसी भी अधिकारी की बात नहीं रखी गई है।

(यह खबर पूर्ण रूप से खनन स्थिति के आधार पर है। वास्तविकता का बोध ऑन द स्पॉट पर हो सकेगी)

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